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बुध का वृषभ राशि पर मार्गी

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बुध का वृषभ राशि पर मार्गी

Mercury direct in Taurus - Budh Margi 2022 | बुध का वृषभ राशि पर मार्गी, इन राशि को मिलेगा लाभ

बुध ग्रह वृषभ राशि मे 3 जून को मार्गी करने जा रहा है। यह लेख हर राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण है। वैदिक शास्त्र मे बुध उन 9 ग्रहों मे से एक है जिनका हर राशि के जातकों पर प्रभाव रहता है। जब भी कोई ग्रह किसी राशि पर मार्गी करता है तो उसका प्रभाव सभी राशियों पर समान रूप से नहीं पड़ता है।

मार्गी का प्रभाव कुछ राशियों पर सकारात्मक पड़ता है, तो कुछ राशियों पर नकारात्मक। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रहों का राजकुमार है। मौजूदा समय मे बुध वृषभ राशि मे गोचर कर रहा है। पंचांग के अनुसार 3 जून 2022 को बुध वृषभ राशि मे मार्गी करने जा रहा है।

यानि की इस दिन बुध अपनी सीधी चाल चलेगा। बुध ग्रह बिजनेस, बुद्धि, वाणी, कम्युनिकेशन, त्वचा, गणित, वकालत, आदि को दर्शाता है। इस मार्गी से कुछ राशि को फायदा होगा तो कुछ राशि को नुकसान।

कुंडली मे बुध राशि का प्रभाव

बुध ग्रह  बिजनेस, बुद्धि, वाणी, कम्युनिकेशन, त्वचा, गणित, वकालत, आदि विशेषताओ को दर्शाता है। ऐसे मे यदि बुध किसी जातक की कुंडली मे मजबूत स्थिति मे विराजित है तो ऐसे मे जातक संवाद करने मे अच्छे साबित होंगे।

बुध की कृपा पड़ने पर जातक के व्यवसाय मे उन्नति आती है। बुध जातकों के रूप मे भी सुंदरता प्रदान करता है जिससे जातकों की उम्र कम दिखती है। यदि बुध किसी जातक की कुंडली मे मजबूत स्थिति मे नहीं हो तो ऐसे मे जातक को भारी नकारात्मक परिणाम का सामना करना पड़ता है, जातक दिमागी रूप से कमजोर हो जाते है, जातक आर्थिक रूप से कमजोर हो जाता है और उन्हे स्वास्थ्य संबंधित समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

बुध मार्गी का समय

इस वर्ष बुध ग्रह 3 जून 2022 को दोपहर 1 बजकर 07 मिनट पर अपनी वक्री गति को समाप्त करके पुनः मार्गी अवस्था मे आ जाएंगे। इसके बाद बुध वृषभ राशि मे मार्गी करके प्रत्येक राशियों को विशेष रूप से प्रभावित करेंगे।

बुध मार्गी का राशियों पर प्रभाव

मीन राशि: मीन राशि के जातकों के लिए बुध उनके चौथे और सातवे स्थान के स्वामी है। इस अवस्था मे बुध ग्रह मीन राशि के तृतीय भाव मे मार्गी करेंगे। किसी भी राशि के तीसरे भाव को सहज भाव कहते है। तृतीय भाव इच्छा शक्ति, साहस, जुनून, जिज्ञासा, जोश एवं ऊर्जा का प्रतीत है। ऐसे मे बुध मार्गी की यह स्थिति मीन राशि के जातकों के लिए उत्तम है।

उपाय: गरीब जरुरतमन्द को सफेद वस्तु का दान करे। 

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कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध उनके पांचवे और आठवे भाव मे विराजित है। अब वे आपके चतुर्थ भाव मे विराजित होंगे। चौथे भाव को सुख का भाव भी कहा जाता है। यह भाव जीवन मे मिलने वाले सुख, माता, चल अचल संपत्ति, भावनाये तथा लोकप्रियता को दर्शाता है। कार्य से संबंधित रणनीति किसी के साथ भी साझा ना करे। आर्थिक रूप से आपको पुराना रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। शिक्षा से जुड़े क्षेत्र मे विद्यार्थियों को लाभ मिल सकता है।

उपाय: मंदिर मे गणेश जी को लड्डू का भोग लगाए।

मकर राशि: मकर राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह उनके छठे एवं नवमे भाव मे विराजित है। मार्गी की वजह से बुध उनके पंचवे भाव मे विराजित होंगे। कुंडली मे इस भाव का अर्थ संतान भाव से होता है। यह भाव रोमांस, बौद्धिक क्षमता, शिक्षा, संतान और रचनात्मकता का भाव दर्शाता है। यह समय मकर राशि के जातकों के प्रेम संबंद मे परेशानी ला सकता है। इस समय किसी भी निर्णय को लेने से पहले ध्यानपूर्वक विचार करे। यह मार्गी आपके स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकती है। इसलिए आपको अपनी सेहत का खास खयाल रखना होगा।

उपाय: गाय को नियमित रूप से हरा चारा खिलाए।

धनु राशि: धनु राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह उनके सातवे और दसवे भाव मे विराजित है। इस मार्गी के समय बुध उनके षष्टम भाव मे विराजित होंगे। ज्योतिष शास्त्र मे इस भाव को शत्रु भाव कहा जाता है। यह विरोधियों, जॉब, कॉम्पटीशन, रोग, पीड़ा, शादी-विवाह, रोग प्रतिरोधक क्षमता, आदि के भाव को दर्शाता है। इस राशि के जातकों को अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। कार्य क्षेत्र मे नई नौकरी मिलने मे सफलता प्राप्त होगी। संतान पक्ष की तरफ से कोई खुश खबरी मिलने का अनुमान है। वैवाहिक जीवन मे विवाद और मनमुटाव हो सकते है। स्वास्थ को लेकर सतर्क रहे।

उपाय: किसी भी प्रकार का काम शुरू करने से पूर्व अपनी माँ का आशीर्वाद जरूर ले।

वृश्चिक राशि: इस राशि के जातकों के लिए बुध उनके अष्टम और एकादश भाव मे विराजमान है। मार्गी के समय बुध आपके सप्तम भाव मे विराजमान होंगे जो की वैवाहिक जीवन के अंश को दर्शाता है। इसे विवाह भाव भी कहते है। इस मार्गी पर सबसे नकारात्मक प्रभाव जातक के वैवाहिक जीवन पर पड़ेगा। इस समय जातक को अपने जीवनसाथी के साथ किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ेगा। कार्यक्षेत्र मे भी अत्यधिक परिश्रम करने की जरूरत है। आपको अपने स्वास्थ्य और क्रोध का ध्यान रखना पड़ेगा।

उपाय: घर से बाहर निकलते समय हरा रुमाल अपनी जेब मे जरूर रखे।

तुला राशि: तुला राशि के जातकों के लिए बुध नौवे और बारहवें भाव मे विराजित है। इस मार्गी के समय बुध तुला राशि के अष्टम भाव मे स्थित रहेंगे। इसको आयु भाव कहा जाता है। इसे अचानक से होने वाली घटनाओं, रहस्य, शोध, आयु, और उतार-चढ़ाव का भाव भी कहा जाता है। यह समय आपके लिए अधिक शुभ होने वाला है। बुध देव की कृपा आपके ऊपर पड़ेगी। बुध के मार्गी का सकारात्मक प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी देखने को मिलेगा। आर्थिक जीवन भी आपके लिए अनुकूल साबित होगा। यदि कोई पुराना धन रुका हुआ है तो वो आपको वापस मिल सकता है। हालाँकि शादीशुदा जातकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय: प्रातकाल उठकर अपनी माँ या माँ समान महिला का आशीर्वाद ले।

कन्या राशि: कन्या राशि के जातकों के लिए बुध उनके दसवे और पहले भाव के स्वामी है। इस मार्गी मे बुध कन्या राशि के नवम भाव मे विराजित होंगे। इसे भाग्य भाव भी कहा जाता है। यह भाव भाग्य, यात्रा, तीर्थ स्थल, सिद्धांतगुरु, धर्म, आदि विशेषता को दर्शाता है। यह मार्गी कन्या राशि के जातकों को मिला जुला फल देगी। स्वास्थ  के लिहाज से आपको सतर्क रहना पड़ेगा। अपनी सभी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओ का ध्यान आवश्य रखे। निजी जीवन मे किसी पर भी आसानी से भरोसा करना आपके लिए कष्टदाई हो सकता है।

उपाय: गणेश जी की आराधना करे एवं उन्हे हरी दूर्वा घास का भोग लगाए।

सिंह राशि: सिंह राशि के जातकों के लिए बुध ग्यारहवे एवं दूसरे भाव मे विराजित है। इस मार्गी मे बुध आपके दशम भाव मे विराजित होंगे। दशम भाव आपकी राशि के पिता की स्थिति, करियर, रुतबा, राजनीति एवं जीवन के भाव को दर्शाता है। बुध की यह स्थिति आपके लिए अनुकूल साबित होंगी। कार्यक्षेत्र मे नौकरीपेशा जातकों को लाभ मिल सकता है। इस समय आप अपने बॉस को प्रसन्न करने मे शक्षम रहेंगे। दाम्पत्य जीवन मे आपको संतान पक्ष मे किसी प्रकार की खुशखबरी मिल सकती है।

उपाय: तांबे के बर्तन से प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पण करे।

कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों के लिए बुध उनके बारहवें और तृतीय भाव मे विराजमान है। इस मार्गी के समय बुध कर्क राशि के एकादश भाव मे विराजमान होंगे। एकादश भाव उपलब्धियों, मित्र, बड़े भाई-बहन आदि के भाव को दर्शाता है। आर्थिक रूप से यह समय आपके लिए बेहद लाभदायक साबित होगा। साथ ही आपकी सेहत मे भी सुधार आएगा। आपके मन मे सकारात्मक सोच का विकास होगा। कार्यक्षेत्र के लिहाज से भी यह समय आपके लिए उत्तम है। इस समय आप खुद को ऊर्जा से भरा हुआ महसूस करेंगे।

उपाय: भगवान शिव की पूजा करे और नियमित रूप से शिवलिंग पर दूध अर्पित करे।

मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध उनके लग्न और चौथे भाव मे विराजित है। इस मार्गी के समय बुध उनके द्वादश भाव मे विराजित होंगे। यह भाव मोक्ष, विदेश यात्रा और व्यय भाव को दर्शाता है। इस मार्गी के समय आपके स्वास्थ मे गिरावट आ सकती है। इसलिए इस समय स्वास्थ का अच्छे से खयाल रखे। इस अवधि मे जातक की उनके पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। अपने खर्चों पर नियंत्रण रखे। पुराना अटका हुआ कार्य जल्द पूरा हो सकता है। आपको अपने धन का सही प्रयोग करना होगा। प्रेम संबंध से जुड़े जातकों के लिए यह समय शुभ है।

उपाय: गणेश जी की पूजा करे व उन्हे लड्डू का भोग लगाए।

मेष राशि: मेष राशि के जातकों के लिए बुध उनके तीसरे एवं छठे भाव के स्वामी है। इस अवधि मे बुध मेष राशि के दूसरे भाव मे विराजित रहेंगे। इस अवधि मे बुध आपकी कुटुंब भाव मे विराजमान होंगे। यह स्थिति मेष राशि के जातकों के जीवन मे अनुकूल समय लाएगी। सोशल नेटवर्किंग साइट पर आपकी सक्रियता बढ़ेगी। वैवाहिक जीवन के दृष्टिकोण से देखा जाए तो जीवन मे चल रही परेशानियों से छुटकारा प्राप्त होगा। पति पतनी के बीच प्रेम भड़ेगा। आर्थिक रूप से भी यह समय आपके लिए अनुकूल है। व्यवसाय से जुड़े जातकों को मुनाफा मिल सकता है।

उपाय: मां कात्यायनी की पूजा करे और उनके मंत्रों का उच्चारण करे।

वृषभ राशि: इस राशि के जातकों के लिए बुध उनके दूसरे और पंचम भाव के स्वामी है। इस मार्गी की अवधि मे बुध आपके प्रथम भाव मे विराजित रहेंगे। बुध की इस मार्गी से वृषभ राशि के जातकों को अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। आर्थिक रूप से यह अवधि आपके लिए शुभ नहीं है। किसी कार्य की वजह से आपका धन खर्च हो सकता है। इसलिए फिजूल खर्च से बचे। मानसिक रूप से आपको शांति मिलेगी। तनाव और stress से छुटकारा प्राप्त होगा। अपने कार्यस्थल पर आपको मान सम्मान प्राप्त होगा। इस मार्गी की अवधि मे आपके स्वास्थ मे सुधार आएगा।

उपाय: माँ लक्ष्मी की पूजा करे और मंदिर जाकर समक्ष घी का एक दीपक प्रज्वलित करे।

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