मंगल का मेष राशि में गोचर
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मंगल का मेष राशि में गोचर

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मंगल का मेष राशि में गोचर

Mangal Gochar 2022 - जानिए क्या मंगल का मेष राशि में गोचर लाएगा आपके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा? 


लाल ग्रह के नाम से विख्यात मंगल ग्रह 27 जून 2022 को मेष राशि मे गोचर करने जा रहे है। इस राशि परिवर्तन से सभी राशियों के जातकों की कुंडली मे प्रभाव पड़ेगा। मंगल ग्रह भूमि, ऊर्जा, पराक्रम और सेना का कारक ग्रह माने जाते है। यह ग्रह मेष राशि और वृश्चिक राशि के स्वामी है। साथ ही शनिदेव की मकर राशि भी इनकी उच्च राशि है। वे सभी राशि जिनमे मंगल ग्रह मजबूत है उनके लिए मंगल का राशि परिवर्तन ज्यादातर खुशिया लाएगा। परंतु जिन राशियों में मंगल की स्थिति कमजोर है, उन राशियों के जातकों के लिए मंगल अशुभ स्थिति ला सकता है। किसी भी जातक की जन्मकुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण मंगल ग्रह द्वारा लाया जाता है। यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल उनके लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या फिर द्वादश भाव में विराजमान है, तो हो सकता है की उनकी कुंडली में मांगलिक दोष हो। इस कारणवश जातक के जीवन में विवाह संबंधित समस्या उत्पन्न होती है। इसी लिए यह जानना जरूरी है की मंगल आपकी कुंडली में किस तरह का प्रभाव डालते है। तो चलिए जानते है की यह मंगल का राशि परिवर्तन आपकी कुंडली में क्या प्रभाव डालेगा। 


मंगल राशि परिवर्तन समय 


मंगल जिसे लाल ग्रह भी कहते है, 27 जून 2022 मे मेष राशि मे गोचर करने जा रहे है। मंगल 27 जून सुबह 5:39 बजे मेष राशि मे प्रवेश कर जाएंगे। क्योंकि मंगल ग्रह की स्तिथि मेष राशि मे मजबूत है और मेष अग्नि तत्व की राशि है, इसी वजह से इस गोचर से जातकों के जीवन मे खास प्रभाव पड़ेगा। तो चलिए जानते है की मंगल के मेष राशि मे गोचर से सभी बारह राशियों के जातकों को कैसा फल मिलेगा। 


मंगल गोचर का राशियों पर प्रभाव 


मेष राशि: मंगल ग्रह मेष राशि के लग्न एवं अष्टम भाव के स्वामी है। चुकी मंगल ग्रह इस राशि के स्वामी है इसलिए इस गोचर मे मंगल देव आपकी राशि के लग्न भाव मे ही विराजमान होंगे। किसी भी राशि का लग्न भाव आपके शारीरिक रूप रंग, स्वभाव, उत्तम शरीर, विशेषताएं, आदि को दर्शाता है। वही दूसरी तरफ अष्टम भाव अनिश्चितताओं  के भाव को दर्शाता है। मंगल ग्रह का यह गोचर आपको प्रगति के मार्ग पर ले जाएगा। स्वास्थ्य समबंधित समस्या से निजात मिलेगा। कार्यक्षेत्र मे आपके जोश और ऊर्जा से हर कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर पाएंगे। आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। वे जातक जो साझेदारी के व्यापार से जुड़े हुए है उनके लिए यह समय अत्यंत शुभ है। नौकरीपेशा जातक प्रमोशन के पात्र बन सकते है। परंतु अपनी मा की सेहत पर खास ध्यान रखना होगा। लव लाइफ में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। 


उपाय: मंदिर मे जाकर गणेश जी को मोदक का भोग लगाए। 


वृषभ राशि: इस गोचर काल मे मंगल आपकी कुंडली के बारहवें भाव में विराजित होंगे। यह भाव व्यापार, आयात, सामाजिक छवि, विवाह आदि के भाव को दर्शाता है। इस समय आपको अपने खर्चों पर ध्यान देना होगा और फिजूलखर्ची को कम करना होगा। किसी भी प्रकार के कानूनी कार्यवाहियों से दूर रहे। परंतु संभावना है की मंगल ग्रह की शुभ दृष्टि से आप कानूनी कार्यवाहियों से बचे रह सकते है। किसी प्रकार की विदेश यात्रा के भागीदार बन सकते है। परंतु स्वास्थ्य संबंधित किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है इसीलिए अपनी सेहत पर खास ध्यान दे। व्यापार मे लेन देन करते समय खास ध्यान रखे। अपने भाई-बहन के साथ मतबेद से बचे। 


उपाय: अपनी मां की सेवा करे और उनका आशीर्वाद लेकर ही किसी शुभ कार्य की शुरुआत करे। 


मिथुन राशि: इस राशि के जातकों के लिए मंगल ग्रह गोचर काल मे उनके एकादश भाव मे विराजमान होंगे। किसी भी राशि के लिए एकादश भाव उनकी समस्या, चुनाव, कर्ज, बैंक लोन, बीमारी, आदि के भाव को दर्शाता है। इस गोचर काल मे आपकी आमदनी मे बढ़ोतरी होंगी। यदि कोई रुका हुआ धन है तो वो भी वापस मिल सकता है। आपकी मेहनत से हर लक्ष्य को प्राप्त करने में समर्थ होंगे। यदि किसी जातक का कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उससे भी निकालने में मंगल आपकी सहायता करेंगे। प्रेम संबंधों के लिए यह समय अनुकूल नहीं है। इस अवधि में आपके जीवन साथी के साथ अनबन होने की संभावना है। 


उपाय: अपने पास चांदी का एक चौकोर टुकड़ा साथ रखे। 


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कर्क राशि: कर्क राशि के लिए मंगल ग्रह उनके केंद्र और त्रिकोण भाव के स्वामी है। साथ ही मंगल आपके पंचम और दशम भाव के स्वामी है। इस गोचर काल मे मंगल आपके दशम भाव में विराजित होंगे। किसी भी राशि का दशम भाव उनकी बुद्धि, सोचने की क्षमता, संतान प्राप्ति, और शिक्षा के भाव को दर्शाता है। इस गोचर काल मे आपको कार्यक्षेत्र और व्यवसाय मे अपार लाभ प्राप्त होगा। इस समय आपके वेतन मे भी वृद्धि हो सकती है और प्रमोशन होने की संभावना है। कार्यक्षेत्र मे महनत और लगन की वजह से आप वरिष्ट अधिकारियों के तारीफ के पात्र बन जाएंगे। कार्यस्थल पर किसी के साथ बहस न करे। कार्यक्षेत्र से थोड़ा वक्त निकालकर अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करे। दांपत्य जीवन मे संतान प्राप्ति होने के आसार है। 


उपाय: स्नान करते समय पानी मे काला तिल डाले। 


सिंह राशि: इस गोचर काल मे मंगल आपकी राशि के नवम भाव मे विराजित होंगे। किसी भी राशि का नवम भाव आपकी चल-अचल संपत्ति, सुख सुविधा, माता, आदि के भावों को दर्शाते है। इस गोचर काल मे आपको अपने व्यवसाय और नौकरी मे आपार सफलता प्राप्त होने का अनुमान है। पारिवारिक जीवन मे माता पिता का पूरा सहयोग मिलने की संभावना है। किसी भी प्रकार का निवेश करने के लिए समय अति उत्तम है। आमदनी और आय मे वृद्धि होंगी। स्वास्थ्य रूप से समय अति उत्तम है क्योंकि किसी लंबे समय से चल रही बीमारी से निजात मिल सकती है। शादीशुदा जातकों के लिए यह समय अति शुभ है। लाइफ पार्टनर के साथ संबंध मजबूत होंगे। 


उपाय: किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले अपने पिता या पिता समान व्यक्ति की सलाह जरूर ले। 


कन्या राशि: मंगल ग्रह आपकी राशि के तीसरे और आठवें भाव के स्वामी है। यह भाव आमतौर पर जातकों के लिए कष्टदायक होता है। इस गोचर काल मे मंगल आपकी राशि के अष्टम भाव मे गोचर करेंगे। ऐसे मे आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहे। करियर मे थोड़ा उतार चड़ाव देखने को मिलेंगे। कार्यक्षेत्र मे आपको अधिक मेहनत करने की जरूरत है। बिना मेहनत किए सफलता हासिल नहीं होंगी। यदि आप व्यापार से जुड़े है तो यह समय आपके लिए लाभदायक है। शादीशुदा जातकों का अपने ससुराल पक्ष के साथ रिश्ते मजबूत करने के कई अवसर मिलेंगे। 


उपाय: मां कात्यायनी देवी की पूजा करे और उनके मंत्रों का जाप करे। 


तुला राशि: तुला राशि के जातकों के लिए मंगल उनके सप्तम भाव मे गोचर करेंगे। यह विवाह, रिश्तों, साझेदारी और विदेशी संघों के भाव को दर्शाते है। इस गोचर काल मे आपको नए अवसर प्राप्त होंगे जो आपको अपने कौशल और क्षमताओं का प्रदर्शन करने करने मे मदद करेंगे। कुछ जातकों को विवाह में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन वे जल्द ही हल हो जाएंगे। यदि आपकी कुंडली में शुक्र अच्छा है तो आपके जीवन मे प्रेम विवाह का योग बन रहा है। 


यह गोचर आपको पेशेवर जीवन में मजबूत और प्रभावशाली बनाएगा। सफलता के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। कभी-कभी, आप बेचैन और चिड़चिड़े महसूस कर सकते हैं, जिससे आपके सहकर्मी के साथ बहस हो सकती है। 


उपायः फालतू की चीजों पर पैसा खर्च करने से बचें। अपने परिवार के सदस्यों, भागीदारों और सहयोगियों का सम्मान करें।


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मीन राशि: मीन राशि के जातकों के लिए मंगल के गोचर काल मे उनके दूसरे भाव मे विराजित होंगे। मंगल का यह गोचर आपको धनवान और संपत्ति का मालिक बना देगा। सफलता पाने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। यह गोचर हो सकता है कि आप बुरी आदतों पर पैसा खर्च करे। कई जातकों को अपने परिवार के सदस्यों से कुछ असंतोष का सामना करना पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर कुछ जातकों को संतान और धन की प्राप्ति होगी।


कुछ जातकों को धन और सम्मान की प्राप्ति होगी। हालांकि कुछ जातकों को विवाह का सौभाग्य प्राप्त होगा। आपकी नई लव लाइफ शादी में तब्दील हो सकती है क्योंकि आपको अपने परिवार की मंजूरी मिलेगी।


उपाय: उन लोगों की मदद करे जो आपसे कमजोर हैं। साथ ही आपको अपने परिवार के प्रति अपनी नाराजगी पर नियंत्रण रखना होगा।


कुंभ राशि: इस गोचर काल के दौरान मंगल आपकी राशि के तीसरे भाव मे विराजित होंगे। मंगल के मेष राशि में गोचर के दौरान आपको भाई-बहनों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। आप काफी बहादुर और प्रसिद्ध भी होंगे। आपका धैर्य और साहसी स्वभाव आपको और प्रसिद्धि दिलाएगा। आप अपने स्वास्थ्य के बारे में चिंतित रहेंगे, लेकिन आप खुश, धनी और एक शानदार जीवन व्यतीत करेंगे। संचार, लेखन, साहित्य और खेल से जुड़े जातकों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा और उन्हें काफी प्रसिद्धि भी मिलेगी। कुछ जातक प्रेरक वक्ता या अच्छे सलाहकार भी बन सकते हैं।


उपाय: अपने कार्यस्थल पर अपने दोस्तों और वरिष्ठों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें। लोगों के सामने बेवजह ढोंग न करें।


मकर राशि: इस गोचर काल मे मंगल आपकी राशि के चतुर्थ भाव मे विराजमान होंगे। शेयर बाजार और अन्य सट्टा गतिविधियां जैसे जुआ आपकी वित्तीय स्थिति के लिए हानिकारक होंगे। आपका पेशेवर जीवन अच्छा रहेगा, और आपको बहुत सफलता मिलेगी। पारिवारिक जीवन में आपको कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सौभाग्य से, कुछ जातकों को दूसरे बच्चे का आशीर्वाद प्राप्त होगा।


इस दौरान आपकी माता, मातृभूमि, वाहन और भूमि आपको सुख प्रदान करेगी। आपको अपनी जन्मभूमि या घर से दूर रहना पड़ सकता है। आप अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करेंगे। कुछ जातकों को पैतृक संपत्ति से हाथ धोना पड़ सकता है और कुछ को अपनी शिक्षा के दौरान बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। धन और विलासिता की संपत्ति के संबंध में आपको अपने परिवार के सदस्यों से मदद मिलेगी।


उपाय: अपनी मां के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें। 


धनु राशि: इस गोचर काल मे धनु आपकी राशि के पंचम भाव मे विराजित होंगे। यह गोचर आपको अधिक बुद्धिमान और बहुमुखी बनाएगा। कुछ जातकों को संतान की प्राप्ति होगी। आपका प्रेम जीवन फलदायी रहेगा और एक नए रिश्ते की शुरुआत भी हो सकती है। जातकों का वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। कुछ महिला जातकों को गर्भधारण का आशीर्वाद प्राप्त होगा। 


निवेश, स्टॉक एक्सचेंज, या शिक्षा जैसी सट्टा गतिविधियों में शामिल मूल निवासी, या सलाहकार और राजनयिक हैं, भारी लाभ प्राप्त करेंगे। आप अपने परिवार के साथ समय बिताएंगे। आपके घर या आस-पास कुछ धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।


 उपाय: बेईमानी और किसी भी सट्टा गतिविधियों से दूर रहें।


वृश्चिक राशि: इस गोचर काल मे मंगल आपकी राशि के छठे भाव मे विराजित है। यह गोचर शत्रुओं और रोगों को नियंत्रित करने का समय होगा। प्रतिस्पर्धियों, नौकरों और कनिष्ठ कर्मचारियों से आपको परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कई बार आपके खर्चे जरूरत से ज्यादा हो सकते हैं। कुछ जातकों को अपने परिवार के सदस्यों और जीवनसाथी के साथ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि इस दौरान पुरानी समस्याएं सुलझ जाएंगी। आप कोई नया काम शुरू करने में सक्षम होंगे।


परिवार या पिता के व्यवसाय से जुड़े जातकों के लिए यह समय शुभ रहेगा। वे अधिक शक्तिशाली और प्रतिष्ठित बनेंगे। सरकारी नौकरी पाने की तैयारी कर रहे जातकों को सफलता मिलेगी। आप काफी व्यावहारिक भी हो जाएंगे क्योंकि आपकी प्राथमिकता व्यवसाय के बजाय नौकरी होगी। एक नया पालतू जानवर आपके परिवार का हिस्सा बन सकता है।


उपाय: अपने अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। आपको जाने-पहचाने या अनजान लोगों को कर्ज देने से भी बचना चाहिए।


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