10 अगस्त को मंगल करेंगे वृषभ राशि में गोचर , जाने मंगल की कृपा से आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा
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10 अगस्त को मंगल करेंगे वृषभ राशि में गोचर , जाने मंगल की कृपा से आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा

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10 अगस्त को मंगल करेंगे वृषभ राशि में गोचर , जाने मंगल की कृपा से आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा

इस वर्ष 2022 मे मंगल ग्रह वृषभ राशि मे 10 अगस्त को गोचर करने जा रहे है। ऐसे मे मंगल का वृषभ राशि मे गोचर आपके व्यक्तिगत, पेशेवर, स्वास्थ्य और प्रेम जीवन पर प्रभाव डालेगा। ज्योतिष के अनुसार मंगल को लाल ग्रह के नाम से भी जाना जाता है। इस समय मंगल अपनी स्वराशी मेष मे विराजमान है। 10 अगस्त 2022 को मंगल मेष राशि से वृषभ राशि मे गोचर करेंगे। सभी ग्रहों मे से मंगल और सूर्य ग्रह अग्नि तत्व के ग्रह माने जाते है। मंगल ग्रह जातकों के जीवन मे जीवन शक्ति, शारीरिक शक्ति, सहनशक्ति, इच्छा शक्ति, आदि पर प्रभाव डालते है। जिन जातकों की कुंडली मे मंगल ग्रह प्रभावित स्तिथि मे होते है वे जातक मानसिक तौर पर मजबूत, साहसी और निडर होते है। मंगल देव का यह गोचर सभी 12 राशि पर प्रभाव डालेगा। तो चलिए जानते है की मंगल का वृषभ मे गोचर आपके जीवन पर क्या प्रभाव डालेगा। 


मंगल गोचर का 12 राशियों पर प्रभाव 


मेष राशि 


मेष राशि के जातकों के लिए मंगल उनके लग्न भाव के स्वामी है। इस गोचरकाल के दौरान मंगल आपकी राशि के दूसरे भाव मे विराजमान होंगे।  इस समय आपके स्वभाव मे कई बदलाव आएंगे जो की हो सकता है की अन्य लोगों को पसंद ना आए। हो सकता है की आपके स्वभाव के कारण परिवार के सदस्यों के साथ किसी प्रकार का मतभेद हो जाए। यह गोचर काल आपके लिए आर्थिक रूप से उतार चढ़ाव वाला साबित हो सकता है। इसलिए इस समय अपने खर्चों पर नियंत्रण करना अत्यंत जरूरी है।  यह अवधि छात्रों के लिए अनुकूल है। विवाहित जातकों को इस अवधि मे अपने ससुराल पक्ष से पूर्ण सहियोग प्राप्त होगा। 


वृषभ राशि 


वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल उनके बारहवे भाव के स्वामी है। इस गोचरकाल के दौरान मंगल आपकी राशि के लग्न भाव मे विराजमान होंगे। ऐसे मे यह गोचर आपके लिए विदेश संबंधित कुछ अवसर प्रदान करेगा। आपका अपनी माता के साथ संबंध अच्छे होंगे। आप किसी संपत्ति की खरीद/बिक्री से भी लाभ प्राप्त कर सकते है। परंतु मंगल आपके बारहवे भाव के स्वामी है इसलिए आपको व्यय और हानी का सामना भी करना पड़ सकता है। जो व्यक्ति अविवाहित है उनको इस गोचरकाल मे अपना मनचाहा जीवनसाथी मिल सकता है। विवाहित जातकों को अपने जीवनसाथी से पूर्ण साहियोग मिल सकता है। यदि किसी यात्रा पर जाने का सहियोग बन रहा है तो सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि हो सकता है की किसी अनिश्चिता का सामना करना पड़े। 


मिथुन राशि 


मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल उनके ग्यारहवें भाव के स्वामी है। इस गोचरकाल के दौरान मंगल आपकी राशि के बारहवे भाव मे विराजमान होंगे। मंगल का आपकी राशि के चतुर्थ भाव मे दृष्टि होने के कारण आपका अपनी बहन के साथ रिश्ता और मजबूत बनेगा। हो सकता है की इस गोचरकाल के दौरान आप खाना पकाना, मार्शल आर्ट्स जैसी चीज़ों पर खर्च करे। यदि आप लंबे समय से किसी स्वास्थ्य संबंधित बीमारी से झूज रहे है तो इस गोचरकाल मे आपको सावधान रहना होगा क्योंकि हो सकता है की जरा सी लापरवाही से स्वास्थ्य और बिगड़ सकता है। मंगल की दृष्टि आपकी साझेदारी और विवाह के भाव पर भी है इसलिए हो सकता है की आपको अपने जीवनसाथी के साथ संबंध मे उतार चढ़ाव का सामना करना पड़े। ऐसे मे कोशिश करे की जीवन साथी के साथ छोटी छोटी बातों पर विवाद ना करे। 


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कर्क राशि 


कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल उनके दशम भाव के स्वामी है। इस गोचरकाल के दौरान मंगल आपकी राशि के ग्यारहवे भाव मे विराजमान होंगे। इस गोचरकाल मे आपकी सभी इच्छा पूर्ण होने का अनुमान है क्योंकि यह गोचरकाल आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा। कार्यस्थल पर की गई मेहनत का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है।  खास तौर पर रियल एस्टेट, इंजीनियरिंग या डिफेंस आदि क्षेत्रों में काम कर रहे जातकों को अधिक लाभ मिलेगा। मंगल का वृषभ राशि मे गोचर से कर्क राशि के छात्रों को अत्यधिक लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से देखे तो जो जातक लंबे समय से किसी बीमारी से ग्रहस्थ चल रहे है, इस गोचरकाल मे उससे निजाद पा सकते है। 


सिंह राशि 


सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल उनके नौवें भाव के स्वामी है। इस गोचरकाल के दौरान मंगल आपकी राशि के दशम भाव मे विराजमान होंगे। यह कर्म का भाव है। ऐसे मे मंगल आपके पेशेवर जीवन मे सकारात्मक प्रभाव डालेंगे। आधिकारिक पदों पर नए अवसर मिल सकते है। इस गोचरकाल के दौरान जो जातक स्वास्थ्य सेवा, रियल एस्टेट और सशस्त्र बल से जुड़े हुए है उन्हे अधिक लाभ प्राप्त होगा। सिंह राशि के लग्न भाव मे मंगल की चतुर्थ दृष्टि आपके व्यक्तिगत भाव पर सकारात्मक प्रभाव प्रदान करेगी। इस समय किसी शारीरिक गतिविदी मे भाग ले सकते है। इस दौरान माता के साथ संबंधों मे मजबूती आएगी। शिक्षा की बात करे तो यह गोचर सिंह राशि के छात्रों के लिए अनुकूल नहीं है। 


कन्या राशि 


कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल उनके आठवें भाव के स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान मंगल आपकी राशि के नौवें भाव मे विराजमान होंगे। किसी भी राशि का आठवां भाव पिता, गुरु, और धर्म के भाव को प्रकाशित करता है। इस गोचर काल मे आपको अपने पिता एवं गुरु से किसी प्रकार की खुशखबरी मिलने की संभावना है। आपके उग्र व्यवहार के कारण नोक झोंक होने की संभावना है। मंगल का आपकी राशि के बारहवें भाव मे दृष्टि होने की वजह से आपके खर्चों मे भारी मात्रा मे वृद्धि आएगी। वही आपके तीसरे भाव मे मंगल की सप्तम दृष्टि होने की वजह से आपका अपने भाई एवं बहन से रिश्ते मजबूत होंगे और साथ ही उनका पूर्ण साहियोग प्राप्त होगा। यह गोचरकाल आपके पारिवारिक जीवन के लिए अनुकूल नहीं है क्योंकि हो सकता है की घर की सुख शांति भंग हो जाए। अपनी माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखे। 


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तुला राशि 


तुला राशि के जातकों के लिए मंगल उनके सप्तम भाव के स्वामी है। इस गोचरकाल मे मंगल आपकी राशि के आठवें भाव मे विराजमान होंगे। ऐसे मे मंगल आपके दीर्घायु, अचानक घटनाओं और रहस्य के भाव पर प्रभाव डालेंगे। तुला राशि के जातकों के लिए यह समय थोर चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि अचानक से घटने वाली कुछ घटनाए आपको मानसिक तनाव दे सकती है। तुला राशि के ग्यारहवें भाव में मंगल की चतुर्थ दृष्टि आपको आर्थिक रूप से परेशान कर सकती है। मंगल की दूसरे भाव मे दृष्टि आपकी वाणी और भाषा शैली को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगी। अपने उच्च अधिकारियों से बातचीत करते समय सतर्कता बरते। यात्रा करते समय भी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। 


वृश्चिक राशि 


वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल उनके छठे भाव के स्वामी है। इस गोचरकाल के दौरान मंगल आपकी राशि के सातवें भाव मे गोचर करेंगे। यह भाव वैवाहिक सुख और साझेदारी के भाव को सरक्षात है। पेशेवर रूप से यह गोचरकाल आपके लिए अनुकूल परिणाम लेकर आएगा। साझेदारी का व्यापार करने वाले जातकों के लिए यह समय अनुकूल है। व्यक्तिगत जीवन की बात करे तो इस गोचरकाल के दौरान आपके अहंकार के कारण आपके और आपके जीवनसाथी के बीच तक्रार हो सकती है। ऐसे मे यह जरूरी है की अपने अहंकार पर काबू पाए अन्यथा तलाक संबंधित परिणाम आपको परेशानी मे डाल सकते है। स्वास्थ्य के लिहाज से यह गोचर आपके लिए अनुकूल है परंतु खान पान पर ध्यान देना भी आवश्यक है अन्यथा छोटी मोटी स्वास्थ्य समस्या होने की संभावना है। 


धनु राशि 


धनु राशि के जातकों के लिए मंगल उनके पांचवे भाव के स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान मंगल आपकी राशि के छठवें भाव मे गोचर करेंगे। किसी भी राशि के लिए छठवाँ भाव रोग, प्रतिस्पर्धा और शत्रु के भाव को दर्शाता है।  स्वास्थ्य के लिहाज से यह गोचर काल आपके लिए अनुकूल परिणाम लेकर आएगा। आपकी मानसिक और शारीरिक क्षमता मे सुधार आएगा। आप अपने प्रतितवंदियों और शत्रुओ पर विजय प्राप्त करने मे सफल रहेंगे। जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी कर रहे है, उनके लिए यह अवधि अनुकूल परिणाम लेकर आने वाली है। धनु राशि के नौवें, बारहवें और ग्यारहवें भाव में मंगल की दृष्टि होने के कारण आपका झुकाव आध्यात्मिकता की ओर बढ़ेगा। आपके खर्चों मे वृद्धि या सकती है क्योंकि विदेश यात्रा पर जाने का योग बन रहा है। 


मकर राशि 


मकर राशि के जातकों के लिए मंगल उनके चौथे भाव के स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान मंगल आपकी राशि के पांचवें भाव मे गोचर करेंगे। यह भाव प्रेम, शिक्षा और संतान के भाव को दर्शाता है। छात्रों के लिए यह अवधि अनुकूल है। रहस्य विज्ञान का अध्ययन करने वाले जातकों के लिए यह अवधि अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाली है क्योंकि इस गोचरकाल मे आप सफलता की उचाइयों को छूने मे सफल होंगे। मकर राशि के दसवें और ग्यारहवें भाव पर मंगल की दृष्टि आके पेशेवर जीवन के लिए अनुकूल है। आपके जीवन मे कार्यभार और जिम्मेदारियों मे वृद्धि तो आएगी ही मगर इससे आपको प्रोत्साहन भी मिल सकता है। इस दौरान आपको अपने संतान पक्ष पर अत्यधिक ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि हो सकता है की उनका व्यवहार आपके प्रति रुष्ट हो। 


कुंभ राशि 


कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल उनके तीसरे भाव के स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान मंगल आपकी राशि के चौथे भाव मे गोचर करेंगे। यह माता, गृहस्थ जीवन, भूमि, संपत्ति और वाहन के भाव को दर्शाता है। इस दौरान आपके छोटे भाई बहनों के साथ संबंध अच्छे रहेंगे और आप उनके साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे। किसी भी राशि का चौथा भाव माता का भी प्रतिनिधित्व करता है इसी कारणवश आपकी माता जी का व्यवहार आपके प्रति थोड़ा रुष्ट रहेगा। कुंभ राशि के सातवें भाव पर मंगल की चतुर्थ दृष्टि की सहायता से आपके अपने जीवनसाथी के साथ रिश्तों मे सुधार आएगा। वही दूसरी ओर दसवें भाव पर मंगल की दृष्टि होने के कारण कार्यस्थल पर आपकी जिम्मेदारियों मे वृद्धि होगी। 


मीन राशि 


मीन राशि के जातकों के लिए मंगल उनके दूसरे भाव के स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान मंगल आपकी राशि के तीसरे भाव मे गोचर करेंगे। यह आपके भाई-बहन, शौक, लघु यात्रा और संचार कौशल के भाव को दर्शाता है। इस गोचरकाल के दौरान आपका झुकाव आपके शौक संबंधित कार्यों मे अधिक रहेगा। आप स्वभाव से मुखर भी हो सकते है। छठे भाव पर मंगल की दृष्टि होने के कारणवश यह समय आपके स्वास्थ्य के लिहाज से अनुकूल है। इस दौरान आपकी सहनशक्ति और ऊर्जा मे वृद्धि आएगी। इसकी सहायता से आप किसी पुरानी बीमारी से छुटकारा पा सकते है। मंगल की दृष्टि आपकी राशि के नौवें भाव मे होने के कारण आपका झुकाव आध्यात्मिकता और रहस्य विज्ञान की ओर अधिम रहेगा। 


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